Hitler The Rise Of Evil In Hindi → 【AUTHENTIC】

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1923 में हिटलर ने सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश की, जिसे 'बियर हॉल पुच' कहा जाता है। वह इसमें असफल रहा और उसे जेल भेज दिया गया। जेल में रहने के दौरान उसने अपनी आत्मकथा लिखी, जिसमें उसने अपनी नस्लवादी सोच और भविष्य की क्रूर योजनाओं का खाका तैयार किया।

यह सीरीज और इतिहास हमें सिखाता है कि बुराई (Evil) एक दिन में पैदा नहीं होती। जब देश की जनता आर्थिक संकट से जूझ रही हो और कोई नेता राष्ट्रवाद और नफरत का सहारा लेकर झूठे सपने दिखाए, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है। हिटलर का उदय इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि कैसे लोकतांत्रिक व्यवस्था का इस्तेमाल करके ही लोकतंत्र को खत्म किया जा सकता है। hitler the rise of evil in hindi

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3. ओरेटरी और नफरत की राजनीति (Oratory and Politics of Hate) hitler the rise of evil in hindi

युद्ध के बाद, हिटलर ने 'जर्मन वर्कर्स पार्टी' (बाद में नाजी पार्टी) में अपनी जगह बनाई। उसकी असाधारण भाषण कला (Oratory Skills) ने जनता को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिल्म दिखाती है कि कैसे उसने लोगों के डर, बेरोजगारी और गरीबी का फायदा उठाकर खुद को जर्मनी के "मसीहा" के रूप में पेश किया। 1923 का 'बीयर हॉल पुट्स' (Beer Hall Putsch) और जेल में 'मीन कैम्फ' (Mein Kampf) लिखना उसके राजनीतिक जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ थे।

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हिटलर का बचपन, सेना में समय और राजनीति में उदय समय सीमा:

हिटलर एक चित्रकार बनना चाहता था। उसने 1907 में वियना अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स में प्रवेश लेने की कोशिश की, लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया।